Friday, 28 October 2016

भारतीय वन अधिनियम-1927

 

यह अधिनियम वन उपज जिसमें आरक्षित एवं संरक्षित वन तथा उसमें रहने वाले जानवर, पशु जीव-जन्तु आदि भी शामिल है, के अभिवहन एवं इमारती लकड़ियों तथा उस पर उगाहने वाले शुल्क के नियत्रंण एवं इमारती लकड़ियों की अवैध कटाई रोकने एवं प्राकृतिक वन को नष्ट करने से बचाने हेतु बनाया गया है। जिसके तहत घोषित आरक्षित एवं संरक्षित वनों से वृक्षों, इमारती लकड़ियों या वनोपज प्राप्त करने हेतु अनुज्ञप्ति प्रदान किये जाते है।
निम्नलिखित कार्य इस अधिनियम के विरूद्व हैः-
1. किसी वृक्ष या वनोपज को गिराना, घेरा लगाना, घाव लगाना, छटाई कराना या छेदना या छाल पत्तियॉ निकालना या अन्यथा किसी वृक्ष को नुकसान पहुचाना।
2. किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी पत्थर की खदान बनाना या खोदाई करने, चूने का भट्ठा लगाना, कोयला बनाना, संग्रहण कराना या वनोपज को हटाना।
3. किसी संरक्षित वन के भूमि को खेती के लिये या अन्य आशय से खोदना, साफ करना।
4. किसी आरक्षित वृक्ष में चाहे वे खडे़ हों या गिराये गये हों, में आग लगाना या जलाना।
5. किसी वृक्ष या प्रतिबंधित क्षेत्र में जलाई गई आग को जलते हुये छोड़ना।
6. आरक्षित वृक्ष को गिराना या ईमारती लकड़ी को हटाना जिससे वृक्ष को नुकसान पहुॅचे।
7. पालतु पशुओं से किसी वृक्ष को नुकसान पहुंचने देना।
8. वन उपज एवं ईमारती लकड़ी के अभिवहन हेतु बनाए गए भूमिगत मार्ग, जलमार्ग आदि को नष्ट करना या नष्ट करने का प्रयास करना या बाधा पहुंचाना।
9. ईमारती लकड़ी की अवैध कटाई करना या अवैध कटाई हेतु अवैध आरा मिल या कटाई संबंधी अन्य उपकरण रखना, अथवा अवैध कटाई की लकड़ियों को हटाने हेतु समस्त वस्तुओं अथवा वाहनों का उपयोग करना।
10. शासन द्वारा दी गई अनुज्ञप्ति की शर्तो के उल्लंघन में कोई कार्य करना।
उपरोक्त कार्य हेतु दण्डः-
कारावास जिसकी अवधि एक वर्ष तक या जुर्माने जिसकी सीमा 1000/-रूपये तक हो सकती है या दोनों।
इसके अलावा वनों की अवैध कटाई में प्रयुक्त होने वाले उपकरण, मशीने अवैध परिवहन करने वाले वाहनों आदि को जप्त कर उसे राजसात किया जाएगा।

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