Friday, 28 October 2016

अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) नियम 2007

 

अधिनियम के उद्देश:-
वन भूमि या वन आधारित उपयोगों से उत्पाद उपभोग और/या बिक्री के माध्यम से स्वयं तथा परिवार की और या घरेलू प्रयोजनों के लिये निरंतर आवश्यकताओं की पूर्ति एवं अन्य वन भूमि से जुडे़ हुए परंपरागत रूढ़िगत एवं कृषि संबंधी अधिकार प्रदान किया गया है।
अधिनियम के तहत पात्र ब्यक्ति:-
अनुसूचित जनजाति के सदस्य या अन्य परंपरागत वन निवासी जो वन एवं वन भूमि पर प्राथमिक रूप से निवास करते हुए उप पर निर्भर हैं।
अधिनियम के तहत पात्र ब्यक्तियों को क्या अधिकार दिए गये हैः-
1. वन एवं वनभूमियों पर निवास या कृषि कार्य के माध्यम से अपने जीविकोपार्जन करने वाले ब्यक्तियों को अधिभोग का अधिकार है।
2. उपरोक्त भूमियों पर किसी अन्य प्रकार के निस्तार का अधिकार जो उनके निवास एवं वास्तविक जीविका की आवश्यकताओं के लिये आवश्यक है।
3. परम्परागत चारागाह, जलावन लकड़ी को जमा करने पत्तीदार खाद, जड़ें एवं कद, चारा वन्य खाद्य और अन्य लघु वन उत्पाद, मछली पकड़ने के स्थान, सिंचाई प्रणालियों, मानव या पशुधन के उपयोग के लिये पानी के स्त्रोत, औषधीय पौधो का संग्रहण, जड़ी बूटी देने वालें वैद्यों के क्षेत्र आदि पर अधिकार होंगे। उपरोक्त अधिकार रायल्टी से मुक्त होगा।
4. वन भूमियों पर जिन ब्यक्तियों (दावेदारों) को विधि की सम्यक प्रक्रिया के पालन से बेदखल किया गया है। उप दावेदारों को पुनः पट्टा प्राप्त करने का अधिकार है।
उपरोक्त अधिकार प्रदान करने हेतु समितियॉः-
ग्राम सभाः- जिसमें पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि एवं सदस्य शामिल है।
अधिनियम के तहत प्रतिबंधित कार्यो के उल्लघंन पर दण्डः-
1. अधिनियम के तहत बने नियम या आदेश या अनुज्ञप्ति या अनुज्ञा में दिए गए प्रावधान या शर्तो के उल्लघंन पर तीन वर्ष तक का कारावास या अर्थदंण्ड जो 25000/-रूपये तक हो सकता है। या दोनों का भागी होगा।
2. वन्य प्राणी के मॉस आदि के या प्राणि वस्तु या ऐसे प्राणी से ब्युत्पन्न ट्राफी के संबंध में किए गए अपराध या अभ्यारण्य या राष्ट्रिय उद्यान में शिकार करने अथवा उसकी सीमाओं में परिवर्तन करने पर ऐसे कारावास जिसकी सीमा 3 वर्ष से कम नही होगी किन्तु जिसका विस्तार 7 वर्ष तक हो सकता है और जुर्माना के साथ भी जो 25000/- रूप्ये से कम नही होगा दण्डनीय है।
3. उपरोक्त अपराध में उपयोग किये जाने वाले समस्त फंदा ,औजार, हथियार, वाहन जहाज या अन्य वस्तुएं राजसात की जाएगी तथा ऐसे ब्यक्तियों को यदि कोई अनुज्ञप्ति (लाइंसेस) प्राप्त हो तो उसे निरस्त किया जाएगा।
4. वन्य प्राणियों के शरीर अंगों को ट्राफियों के रूप में बिना अनुज्ञप्ति परिवर्तित कर ब्यापार करने पर प्रतिबंध - वन्य प्राणियों के शरीर के किसी भी अंग को सजावट के रूप में अथवा ट्राफियों के रूप में संपरिवर्तित कर अथवा इनके मॉस, चमड़ा या शरीर के अन्य अवयवों को बिना अनुज्ञप्ति मानव उपयोग में लाने, कब्जे में रखने ,ब्यापार करना या उपरोक्त कार्यो का प्रयत्न करने, इनके परिवहन करना आदि पर प्रतिबंध लगाया गया हैं।

No comments:
Write comments

महत्वपूर्ण सूचना- इस ब्लॉग में उपलब्ध जिला न्यायालयों के न्याय निर्णय https://services.ecourts.gov.in से ली गई है। पीडीएफ रूप में उपलब्ध निर्णयों को रूपांतरित कर टेक्स्ट डेटा बनाने में पूरी सावधानी बरती गई है, फिर भी ब्लॉग मॉडरेटर पाठकों से यह अनुरोध करता है कि इस ब्लॉग में प्रकाशित न्याय निर्णयों की मूल प्रति को ही संदर्भ के रूप में स्वीकार करें। यहां उपलब्ध समस्त सामग्री बहुजन हिताय के उद्देश्य से ज्ञान के प्रसार हेतु प्रकाशित किया गया है जिसका कोई व्यावसायिक उद्देश्य नहीं है।
इस ब्लॉग की सामग्री का किसी भी कानूनी उद्देश्यों के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। हमने सामग्री की सटीकता, पूर्णता, उपयोगिता या अन्यथा के संबंध में कोई ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी पर कार्य करने से पहले किसी भी जानकारी को सत्यापित / जांचें और किसी भी उचित पेशेवर से सलाह प्राप्त करें।

Category

149 IPC 295 (a) IPC 302 IPC 304 IPC 354 (3) IPC 399 IPC. 201 IPC 402 IPC 428 IPC 437 IPC 498 (a) IPC 66 IT Act Aanand Math Abhishek Vaishnav Ajay Sahu Ajeet Kumar Rajbhanu Anticipatory bail Arun Thakur Awdhesh Singh Bail CGPSC Chaman Lal Sinha Civil Appeal D.K.Vaidya Dallirajhara Durg H.K.Tiwari HIGH COURT OF CHHATTISGARH Kauhi Lalit Joshi Mandir Trust Motor accident claim News Patan Rajkumar Rastogi Ravi Sharma Ravindra Singh Ravishankar Singh Sarvarakar SC Shayara Bano Smita Ratnavat Temporary injunction Varsha Dongre VHP अजीत कुमार राजभानू अनिल पिल्लई आदेश-41 नियम-01 आनंद प्रकाश दीक्षित आयुध अधिनियम ऋषि कुमार बर्मन एस.के.फरहान एस.के.शर्मा कु.संघपुष्पा भतपहरी छ.ग.टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम छत्‍तीसगढ़ राज्‍य विधिक सेवा प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार जैन डी.एस.राजपूत दंतेवाड़ा दिलीप सुखदेव दुर्ग न्‍यायालय देवा देवांगन नीलम चंद सांखला पंकज कुमार जैन पी. रविन्दर बाबू प्रफुल्ल सोनवानी प्रशान्त बाजपेयी बृजेन्द्र कुमार शास्त्री भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मुकेश गुप्ता मोटर दुर्घटना दावा राजेश श्रीवास्तव रायपुर रेवा खरे श्री एम.के. खान संतोष वर्मा संतोष शर्मा सत्‍येन्‍द्र कुमार साहू सरल कानूनी शिक्षा सुदर्शन महलवार स्थायी निषेधाज्ञा स्मिता रत्नावत हरे कृष्ण तिवारी